हिमायतनगर,एम अनिलकुमार| तालुका के लिए लाइफलाइन माने जाने वाला हिमायतनगर शहर के नजदीक स्थित नडवा पुल इन दिनों घटिया गुणवत्ता के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवादों में घिर गया है। पुल निर्माण में नियमों की खुलेआम अनदेखी होने का आरोप लगाते हुए स्थानीय नागरिकों, किसानों और वाहन चालकों ने कड़ा रोष जताया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल निर्माण में रेत की जगह डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, वहीं निर्धारित मानकों के विपरीत भारी लोहे की रॉड के बजाय 8 मिमी और 10 मिमी के यार्ड लगाए जा रहे हैं। इससे पुल की मजबूती और दीर्घकालीन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि इस लापरवाही भरे काम से भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस मुद्दे को लेकर जागरूक नागरिक नितीन मुधोलकर द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कार्यरत इंजीनियर कानिदे सहित संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य पर उचित निगरानी नहीं रख रहे हैं और ठेकेदार को मनमानी करने की खुली छूट दी जा रही है।


गांववासियों ने मांग की है कि नडवा पुल के निर्माण की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, बजट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग हो, पुल की ऊंचाई बढ़ाई जाए और पूरे निर्माण कार्य का स्वतंत्र टेक्निकल इंस्पेक्शन किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो नागरिक और किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

नागरिकों का गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि हाल ही में हिमायतनगर–पलसपुर–डोलहारी–सिरपल्ली मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ घटिया निर्माण कुछ ही दिनों में टूट गया था। उसी अनुभव के चलते अब नडवा पुल पर भी वैसा ही हाल होने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण में छात्रों, किसानों, वाहन चालकों और आम यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जनता की ओर से मांग की जा रही है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य अभियंता स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मजबूत, टिकाऊ और मानक अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करें।
